स्टांप ड्यूटी क्या है इसकी गणना कैसे की जाती है आसानी से समझिये

आज जानेंगे स्टांप ड्यूटी क्या है इसकी गणना कैसे की जाती है आज के समय में जब भी हम जमीन खरीदते हैं या फिर किसी के साथ जमीन की अदला-बदली करते हैं, या किसी को हम जमीन गिफ्ट करते हैं तो उसके लिए हमें रजिस्ट्रार ऑफिस जाकर जमीन की रजिस्ट्री करानी पड़ती है और साथ में हमें स्टांप ड्यूटी भुगतान भी करना पड़ता है।

स्टाम्प ड्यूटी क्या है

अब आप सोच रहे होंगे कि स्टांप ड्यूटी क्या होती है तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम इसी विषय के ऊपर चर्चा करेंगे कि स्टांप ड्यूटी क्या होता है और स्टांप ड्यूटी भुगतान हमें कितना करना पड़ता है आज के इस आर्टिकल में हम इस विषय के ऊपर पूरी डिटेल से और ए टू जेड प्वाइंटों पर चर्चा करेंगे ताकि आपको स्टांप ड्यूटी के बारे में कोई भी डाउट न रहे और आपके सारे डाउट क्लियर हो जाए तो चलिए स्टार्ट करते हैं, आज के इस आर्टिकल को आपका ज्यादा समय न लेते हुए।

स्टांप ड्यूटी क्या है

आर्टिकल में आगे बढ़ने से पहले आपको यह जान लेना बहुत जरूरी है कि स्टांप ड्यूटी क्या होता है तो दोस्तों स्टांप ड्यूटी एक गवर्नमेंट टैक्स होता है, जो की सीधा स्टेट गवर्नमेंट के पास जाता है, दोस्तों स्टेट गवर्नमेंट को जितनी टैक्स की जरूरत है उतना ही हमें टैक्स भरने की जरूरत है क्योंकि इससे गवर्नमेंट के साथ-साथ हमें भी बहुत ही ज्यादा फायदा होता है।

स्टांप ड्यूटी का महत्व क्या है

जितना फायदा सरकार को टेक्स्ट से होता है उतना ही फायदा हमें सरकार को टैक्स देने से होता है, अब आप सोच रहे होंगे कि टैक्स देने से आखिर हमें क्या फायदा होगा तो दोस्तों जब हम स्टांप ड्यूटी का भुगतान कर के अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराते हैं तो उसे हमें यह फायदा देखने को मिलता है कि जब भी हमारी जमीन से रिलेटेड कोई भी अड़चन आती है तो हम बड़ी आसानी के साथ हमारी जमीन से रिलेटेड कोर्ट केस कर सकती हैं और हमारी फाइल को सबूत के तौर पर दिखा सकते हैं।

जब भी हम स्टांप ड्यूटी या फिर कहें टैक्स देते हैं तो इससे सरकार को भी बहुत ही फायदा होता है जैसे कि अगर हम जमीन को 2 करोड में खरीदते हैं तो उस पर हमें लगभग 8 से 10 लाख रुपए तक का स्टांप ड्यूटी का भुगतान करना पड़ता है, अब ये 8 से 10 लाख रुपए आने वाले समय में गवर्नमेंट इस टैक्स को विकास कार्य में यूज कर पाएगी तो इस प्रकार से स्टांप ड्यूटी देने से हमें और सरकार दोनों को फायदा मिलता है।

स्टांप ड्यूटी की गणना कैसे करें

आप जब भी किसी भी स्टेट में जमीन खरीदने की सोचें तो सबसे पहले आपको यह जान लेना जरूरी होता है कि इस स्टेट के अंदर है जमीन का सरकारी रेट क्या चल रहा है, क्योंकि हमें सर्कल रेट के आधार पर ही स्टांप ड्यूटी का भुगतान करना पड़ता है किसी भी स्टेट में जमीन खरीदने पर हमें लगभग 5 से 7% स्टांप ड्यूटी भुगतान करना पड़ता है।

स्टांप ड्यूटी भुगतान की गणना इस प्रकार से होती है की खरीदी गई जमीन किस एरिया में है, और जिस एरिया में जमीन खरीदी गई है वह जमीन आवासीय है या वाणिज्यिक और खरीदी गई जमीन पर मकान कितने फ्लोर का है, इन सभी चीजों के आधार पर ही स्टांप ड्यूटी भुगतान की गणना की जाती है।

स्टांप ड्यूटी में कितना भुगतान करना पड़ता है

तो चलिए अब हम जानते हैं कि स्टांप ड्यूटी भुगतान हमें कितना करना पड़ता है, दोस्तों जब भी कोई व्यक्ति जमीन खरीदता है या फिर कोई प्रॉपर्टी अपने नाम करवाता है तो पहले उसे यह जान लेना जरूरी है कि उस जमीन की स्टांप ड्यूटी उसे कितना भुगतान करना पड़ेगा वह जाने के बाद ही जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवानी चाहिए।

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स्टांप ड्यूटी हर स्टेट का अलग- अलग होता है हर एक स्टेट में 4 से 10% तक जमीन का स्टांप ड्यूटी हमें भुगतान करना पड़ता है, हर स्टेट के अंदर सर्किल रेट या फिर कहे तो जमीन का सरकारी रेट अलग-अलग होता है, उस सरकारी रेट के हिसाब से ही जमीन का स्टांप ड्यूटी भुगतान करना पड़ता है।

स्टांप ड्यूटी से संबंधित FAQ

स्टांप ड्यूटी वापस होती है या नहीं?

अगर एक बार आप स्टांप ड्यूटी भुगतान कर देते हैं तो उसके बाद आप स्टांप ड्यूटी भुगतान को वापस नहीं ले सकते क्योंकि यह सरकार के पास टैक्स के रूप में जमा हो जाता है, और सरकार इसे विकास कार्य में उपयोग में लेती है, इस कारण से स्टांप ड्यूटी भुगतान हो जाने के बाद आपको वापस नहीं दिया जाता।

क्या स्टाम्प ड्यूटी भुगतान होमलोन में सामिल होता है?

स्टांप ड्यूटी भुगतान में होम लोन किसी भी तरह से शामिल नहीं है, क्योंकि होमलोन हमारे द्वारा किए जाने वाला एक अतिरिक्त खर्चा होता है, तो इसलिए स्टांप ड्यूटी भुगतान में होमलोन सामिल नहीं होता।

स्टाम्प ड्यूटी भुगतान में GST सामिल होता है क्या?

वर्तमान समय में स्टांप ड्यूटी भुगतान और जीएसटी का कोई संबंध नहीं है, स्टांप ड्यूटी भुगतान आपसे अलग लिया जाता है, और जीएसटी चार्ज आपसे अलग लिए जाते हैं इसलिए स्टांप ड्यूटी में जीएसटी सामिल नहीं है।

स्टाम्प ड्यूटी पर आयकर कटौती के रूप में क्लेम किया जा सकता है क्या?

अगर आप आयकर दाता है यानी आइटीआर फाइल करते हैं तो आपको टैक्स में छूट मिल सकती  है।

स्टाम्प ड्यूटी की आवश्यकता कब पड़ती है?

स्टाम्प ड्यूटी की आवश्यकता अधिकतर जमीन या किसी प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री के लिए होती है इसके जरिये आप अपने लेनदेन से स्टाम्प ड्यूटी के रूप में सरकार को इसका टैक्स देते हैं और इससे आपके लेनदेन में सरकार की भी भूमिका हो जाती है।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने देखा कि स्टांप ड्यूटी क्या है और इस आर्टिकल में हमने आपको स्टांप ड्यूटी के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की है, ताकि हर एक व्यक्ति को स्टांप ड्यूटी के बारे में कोई भी डाउट न हो अगर आपको आज के इस आर्टिकल में कोई भी दिक्कत लगी तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं, हम आपकी उस दिक्कत का समाधान करने की कोशिश करेंगे और अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि यह जानकारी अन्य लोगों तक भी पहुंचे ऐसे ही जानकारी वाली पोस्ट पढ़ते रहने के लिए आप हमें इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।

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